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संपूर्ण संप्रभु सुरक्षा: बाजार आधारित म्यूचुअल फंड्स में सुरक्षा की सीमा फंड मैनेजर की कुशलता पर टिकी होती है, लेकिन लघु बचत योजनाओं में आपकी पूंजी और रिटर्न दोनों की 100% गारंटी भारत सरकार देती है। यहां डिफॉल्ट का जोखिम पूरी तरह शून्य है।
अस्थिरता से बचाव: शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से इन योजनाओं पर कोई आंच नहीं आती। इनका रिटर्न निश्चित होता है और हर तिमाही पर ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है।
कड़ा लॉक-इन पीरियड निवेशकों को बाजार की गिरावट में घबराकर पैसा निकालने से रोकता है, जिससे दीर्घकालिक लक्ष्य सुरक्षित रहते हैं।
जोखिम से बचने वाले निवेशक: जो लोग शांति की नींद सोना चाहते हैं और अपने मूलधन पर एक रुपये का भी नुकसान बर्दाश्त नहीं कर सकते।
सेवानिवृत्त: जिन्हें नियमित, सुरक्षित और निश्चित आय की आवश्यकता है।
विशिष्ट लक्ष्य: जिनके घर में बेटियां हैं और वे उनकी शिक्षा या विवाह के लिए सुरक्षित फंड बनाना चाहते हैं।
उच्च आय वर्ग के लोग: जो पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत धारा 80सी का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं।
क्रय शक्ति का नुकसान: यदि भारत में वास्तविक महंगाई दर 6 से 7 फीसदी के आसपास है, और आपकी लघु बचत योजना आपको 7.1 से 8.2 फीसदी का रिटर्न दे रही है, तो टैक्स के बाद आपका वास्तविक रिटर्न लगभग शून्य या 1 फीसदी होगा। आपका पैसा बढ़ेगा तो सही, लेकिन उसकी क्रय शक्ति नहीं बढ़ेगी।
लंबी अवधि में बाजार का ट्रैक रिकॉर्ड: 10 से 15 साल की अवधि में, इक्विटी मार्केट्स (लार्जकैप या डाइवर्सिफाइड फ्लेक्सीकैप बास्केट) ने ऐतिहासिक रूप से महंगाई को बड़े अंतर से पछाड़ते हुए 12 से 14 फीसदी तक का कंपाउंडेड रिटर्न दिया है।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/returns-with-safety-available-here-too-investor-uncertainty-regarding-small-cap-and-mid-cap-assets-2026-06-29