खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून 2026) के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जो भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक खबर है। जून तिमाही में बैंक के शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो घटते एनपीए और बेहतर ब्याज आय के कारण संभव हो सकी है। सरकारी बैंकों के बदलते वित्तीय परिदृश्य के बीच सेंट्रल बैंक के ये नतीजे निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी नियामक फाइलिंग के अनुसार, 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (जून 2025) में बैंक ने 1,169 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। इस प्रकार बैंक के मुनाफे में 13 फीसदी की सीधी वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि बैंक अपने ऋण पोर्टफोलियो को मजबूत करने और परिचालन दक्षता में सुधार करने में सफल रहा है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जून 2026 तिमाही में बैंक की कुल आय बढ़कर 10,678 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 10,360 करोड़ रुपये थी। बैंक के मुख्य व्यवसाय यानी कर्ज देने से होने वाली कमाई में भी बड़ा सुधार हुआ है। इस तिमाही में बैंक द्वारा अर्जित ब्याज सुधरकर 9,691 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 8,589 करोड़ रुपये रहा था। ब्याज आय में यह बढ़ोतरी बैंक की मजबूत ऋण मांग को दर्शाती है।
हालांकि, वित्तीय नतीजों का एक पहलू ऐसा भी है जहां थोड़ी नरमी देखने को मिली है। इस तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ घटकर 2,186 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 2,304 करोड़ रुपये था। परिचालन लाभ में आई इस मामूली गिरावट के बावजूद शुद्ध लाभ में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस बात का प्रमाण है कि बैंक ने अपने अन्य वित्तीय मोर्चों और प्रावधानों का प्रबंधन बेहद कुशलता से किया है।
बैंक के लिए सबसे बड़ी राहत उसकी संपत्ति की गुणवत्ता में आए शानदार सुधार से मिली है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का **ग्रॉस एनपीए जून तिमाही के अंत में घटकर 2.60 प्रतिशत** रह गया है, जो एक वर्ष पहले 3.13 प्रतिशत था।
वहीं, बैंक का नेट एनपीए 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना हुआ है। एनपीए में इस सुधार के कारण बैंक को डूबते कर्ज के लिए किए जाने वाले प्रावधान में बड़ी कटौती करने का मौका मिला। बैंक का प्रावधान जून 2025 के 468 करोड़ रुपये से काफी घटकर 346 करोड़ रुपये रह गया। इस प्रावधान में आई कमी ने सीधे तौर पर बैंक के शुद्ध लाभ को बढ़ाने में मदद की है।
संपत्ति की गुणवत्ता के साथ-साथ बैंक का पूंजी ढांचा भी पहले से अधिक मजबूत हुआ है। जून 2026 तिमाही के अंत में बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात सुधरकर 18.28 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही के अंत में 17.66 प्रतिशत था। यह सुधार दर्शाता है कि बैंक के पास भविष्य में कारोबार विस्तार और किसी भी संभावित वित्तीय जोखिम से निपटने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित पूंजी आधार उपलब्ध है।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/central-bank-of-india-q1-results-net-profit-rises-13-to-1-324-crore-as-asset-quality-improves-2026-07-17