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डीजल निर्यात: डीजल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

विमान ईंधन (एटीएफ): विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के निर्यात पर भी टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

पेट्रोल निर्यात: पेट्रोल निर्यातकों के लिए राहत की खबर है। पेट्रोल पर लगने वाले निर्यात शुल्क को चार रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

घरेलू उपलब्धता बढ़ाना: पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। ऐसे में सरकार चाहती है कि भारतीय रिफाइनरियां विदेशों में अधिक निर्यात करने के बजाय घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखें।

अनुचित लाभ को रोकना: पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं। भारतीय रिफाइनर कंपनियां घरेलू ईंधन को बाहर महंगे दामों पर बेचकर असाधारण मुनाफा न कमाएं, इसलिए सरकार निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए यह टैक्स वसूलती है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/diesel-and-atf-export-duties-hiked-petrol-export-levy-slashed-to-secure-domestic-fuel-supply-2026-07-16