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अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शून्य प्रीमियम एलोकेशन चार्ज: अब आपका पूरा प्रीमियम निवेश में लगता है।
शून्य पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज: प्रशासनिक खर्च की कोई कटौती नहीं।
लचीलापन: नए यूलिप में लचीलापन सबसे बड़ा नया फीचर है। निवेशक बाजार की स्थिति के अनुसार डेट और इक्विटी फंड के बीच असीमित स्विच कर सकते हैं, वो भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के।
इक्विटी फंड की विविधता: निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार लार्ज कैप, मिड कैप, फ्लेक्सी कैप, इंडेक्स फंड सहित कई प्रकार के इक्विटी फंड में निवेश का विकल्प चुन सकते हैं।
दीर्घकालिक (10 वर्ष या अधिक) निवेश करना चाहते हैं
बीमा और निवेश एक ही छत के नीचे चाहते हैं
बाजार से जुड़े रिटर्न के साथ अनुशासित बचत करना चाहते हैं
1 फरवरी, 2021 के बाद जारी यूलिप (वार्षिक प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से कम): यदि सभी वर्षों में वार्षिक प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से कम रहता है, तो परिपक्वता राशि धारा 10(10D) के तहत पूर्णतः कर-मुक्त होगी।
1 फरवरी, 2021 के बाद जारी यूलिप (वार्षिक प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से अधिक): यदि किसी भी वर्ष प्रीमियम 2.5 लाख रुपये से अधिक होता है, तो परिपक्वता पर प्राप्त लाभ कर योग्य हो जाता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया केंद्रीय बजट में स्पष्ट किया है कि ऐसे यूलिप से होने वाले लाभ को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ माना जाएगा और उस पर 12.5% की दर से कर लागू होगा, जो इक्विटी म्यूचुअल फंड के समान है।
नई कर व्यवस्था में धारा 80C का लाभ उपलब्ध नहीं है, अतः निवेशकों को यूलिप लेते समय अपनी कर व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए।
Source: https://www.amarujala.com/business/bonus/ulips-making-comeback-emerging-as-alternative-amidst-falling-interest-rates-on-fds-landscape-has-changed-2026-06-22