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नियमों की अनुचित अदला-बदली: एक प्रावधान की जगह दूसरे प्रावधान का इस्तेमाल करना, भले ही आपके वास्तविक वित्तीय आंकड़े उसका समर्थन न करते हों।
दोहरा दावा: एक ही निवेश या खर्च को दो अलग-अलग धाराओं के तहत दिखाकर दो बार टैक्स छूट का लाभ उठाना।
अपात्र छूट: किसी खर्च या निवेश को कानूनन तय सीमा से अधिक फायदेमंद और गलत धारा में रिपोर्ट कर देना।
यदि रिटर्न संशोधन अवधि के भीतर है, तो गलती को सुधारने का सबसे सीधा तरीका आमतौर पर सटीक विवरण के साथ एक संशोधित रिटर्न दाखिल करना है।
यदि रिटर्न पहले ही प्रोसेस हो चुका है और कोई सूचना या नोटिस जारी किया गया है, तो करदाता को निर्धारित समय के भीतर जवाब दें और जहां आवश्यक हो, लागू ब्याज के साथ अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करें।
आयकर अधिनियम धारा 143(2) के तहत स्क्रूटनी नोटिस भेजना : आपके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न की गहन जांच शुरू हो जाएगी।
धारा 142 के तहत जानकारी और रिकॉर्ड मांगने का नोटिस : विभाग आपसे दावों से जुड़े पक्के दस्तावेजी सबूत, रसीदें और बैंक खाते का विवरण मांग सकता है।
धारा 270ए में 200 फीसदी जुर्माने का नोटिस : गलत जानकारी देने या आय छिपाने के जुर्म में बनती हुई टैक्स राशि पर सीधा दो गुना जुर्माना लग सकता है।
निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए सही दावे के साथ संशोधित रिटर्न दाखिल करें।
निर्धारण वर्ष 2025-26 और पिछले वर्षों के लिए सही दावे के साथ अपडेटेड रिटर्न दाखिल करें।
यदि असेसमेंट की कार्यवाही चल रही है और अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बंद हो चुकी है, तो सही टैक्स देनदारी का स्वयं मूल्यांकन करें और इसे ब्याज सहित जमा करें तथा प्राप्त नोटिस का जवाब देते समय इस तरह के टैक्स जमा के विवरण का उल्लेख करें।
Source: https://www.amarujala.com/business/bonus/income-tax-swapped-provisions-revised-itr-tax-notice-ais-form-26as-tax-evasion-assessment-year-2026-27-2026-07-13