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सिप को बनाएं सुरक्षा कवच: बाजार चाहे गिरे या रिकवरी दिखाकर नए शिखर पर जाए, आपकी हर महीने जाने वाली एसआईपी की किस्तें भूलकर भी रुकनी नहीं चाहिए। जब बाजार गिरता है, तो आपको उसी पैसे में ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार रिकवरी दिखाता है, तो वही पुरानी सस्ती यूनिट्स आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को आसमान पर ले जाती हैं।
एकमुश्त बड़ा पैसा झोंकने से बचें: चूंकि बाजार अभी-अभी युद्ध के दबाव से बाहर निकला है, इसलिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने महंगाई और ब्याज दरों की चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। रिकवरी के शुरुआती दिनों में एकमुश्त बड़ी पूंजी बाजार में न लगाएं।
एसटीपी का अचूक नुस्खा: अगर आपके पास निवेश करने के लिए बड़ी रकम है, तो सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) का रास्ता चुनें। अपनी पूरी पूंजी को पहले किसी सुरक्षित लिक्विड या मनी मार्केट डेट फंड में रख दें, और वहां से एक निश्चित राशि हर हफ्ते या हर महीने अपनी पसंद के इक्विटी फंड में ट्रांसफर होने दें।
60% इक्विटी: इस हिस्से में से भी बड़ा भाग (60 से 70%) लार्जकैप या फ्लेक्सीकैप फंड्स में होना चाहिए।
30% डेट: यह हिस्सा शॉर्ट-ड्यूरेशन फंड या बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड में होना चाहिए। यह पैसा आपको बैंक एफडी से बेहतर तरलता और रिटर्न की संभावना देता है।
10% सोना: पोर्टफोलियो में इसे रखने से मजबूत सुरक्षा ढाल मिलेगी।
Source: https://www.amarujala.com/business/bonus/sip-not-to-break-dont-miss-opportunity-global-uncertainty-war-investment-strategy-2026-06-22