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भारत का गिग इंटरनेट कार्यबल 2030 तक करीब तीन गुना बढ़ सकता है। वर्तमान में यह लगभग 60 लाख है, जो बढ़कर 1.7-2.1 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स ने 16 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। मोबाइल ऐप से जुड़ी सेवाओं में यह बड़ी वृद्धि देखी जाएगी।

रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर कुशल भटनागर ने बताया कि भारत के गिग इंटरनेट कार्यबल का महत्व इसके द्वारा बनाए गए विकल्पों में है। यह लोगों को कार्यबल में प्रवेश करने का एक व्यावहारिक तरीका देता है। साथ ही, यह घरेलू आय बढ़ाने में भी मदद करता है। लोग संक्रमण के दौर से निपटने या दीर्घकालिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। यह पारंपरिक रोजगार संरचनाओं की बाधाओं के बिना काम करने का अवसर प्रदान करता है।

रिपोर्ट के अनुसार, गिग प्लेटफॉर्म सिर्फ लचीला काम नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। 2030 तक लाखों लोग पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे। यह उन लोगों के लिए एक सेतु का काम कर रहा है जिनके पास पहले सवेतन काम नहीं था। यह क्षेत्र युवाओं और अन्य लोगों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने का मौका दे रहा है। गिग प्लेटफॉर्म अनुभव भविष्य में बेहतर कमाई के अवसर भी प्रदान करता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना इस क्षेत्र के विकास के अगले चरण के लिए एक बड़ा अवसर है। गिग प्लेटफॉर्म महिलाओं को घर बैठे या लचीले घंटों में काम करने की सुविधा देते हैं। इससे वे अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ कमाई भी कर सकती हैं। यह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनकी बढ़ती भागीदारी से गिग अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/india-s-gig-internet-workforce-to-triple-by-2030-redseer-2026-07-16