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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को अपनी ताजा रिपोर्ट में दुनिया को चेतावनी देते हुए साल 2026 के लिए वैश्विक विकास दर के अनुमान को घटाकर 3% कर दिया है। आईएमएफ के इस आर्थिक आकलन ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि युद्ध से उपजे ऊर्जा संकट और महंगाई की नई लहर से निपटना आसान नहीं होगा।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने जुलाई 2026 के अपने विश्व आर्थिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) अपडेट में कहा है कि भारत, निकट भविष्य के विकास अनुमान में मामूली गिरावट के बावजूद सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।

आईएमएफ की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' (डब्ल्यूईओ) जुलाई रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया युद्ध और तकनीक की दोहरी लहरों के बीच झूल रही है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के आर्थिक असर को काफी हद तक 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और इसकी मजबूत मांग ने संभाल लिया है। इसके बावजूद, आईएमएफ ने अप्रैल में लगाए गए 3.1% के विकास अनुमान को घटाकर अब 2026 के लिए 3% कर दिया है, जो कि 2024-25 के औसत 3.5% से कम है। हालांकि, साल 2027 में इसके सुधरकर 3.4% पर पहुंचने का अनुमान है।

आईएमएफ के अनुसार, वर्तमान में देशों का आर्थिक प्रदर्शन मुख्य रूप से दो बातों पर टिका है: पहला, वे युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट से कितने प्रभावित हैं, और दूसरा, दुनिया की तकनीकी वैल्यू चेन में उनका स्थान क्या है। जो देश युद्ध में शामिल नहीं और ऊर्जा का निर्यात करते हैं, उन्हें तेल की बढ़ती कीमतों से फायदा हो रहा है। वहीं, जो देश तकनीक और एआई के क्षेत्र में आगे हैं, वे ऊर्जा आयातक होने के बावजूद मजबूत स्थिति में हैं। इसके विपरीत, तकनीक से कटे हुए ऊर्जा आयातक देशों की आर्थिक रफ्तार काफी सुस्त पड़ रही है।

आम उपभोक्ताओं के लिए आईएमएफ की चेतावनी काफी चिंताजनक है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 से कम हो रही महंगाई की रफ्तार पर अब ब्रेक लगने वाला है। वैश्विक स्तर पर हेडलाइन महंगाई दर साल 2025 के 4.1% से बढ़कर 2026 में 4.7% तक पहुंचने की आशंका है, जिसके बाद 2027 में इसके 3.9% होने की उम्मीद है। सिर्फ महंगाई ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार की गति भी धीमी होगी। वैश्विक व्यापार वृद्धि साल 2025 के 5% से गिरकर 2026 में महज 3.5% पर आ जाएगी। इसकी वजह टैरिफ का बढ़ता बोझ और सप्लाई चेन में हो रहे बदलाव हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट के इस दौर में भी भारत के लिए एक बड़ी उम्मीद बाकी है। हालांकि आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत के जीडीपी विकास दर के अनुमान को मामूली रूप से घटाकर 6.4% कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से बना रहेगा। भारत की यह ताकत उसके मजबूत घरेलू बाजार और वैश्विक तकनीक मूल्य श्रृंखला में लगातार मजबूत होती पकड़ है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/war-vs-technology-imf-trims-global-growth-outlook-to-3-for-2026-warns-of-inflation-spike-2026-07-08