खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

हुरुन इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्रमुख अंडर-30 उद्यमियों की ओर से जुटाई गई आधी से अधिक पूंजी उत्पाद विकास और बाजार विस्तार में लगाई जा रही है। यह टिकाऊ कारोबार बनाने के लिए उनकी लगन क्षमता को दर्शाता है। यह रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल पूंजी आवंटन का 27 फीसदी प्रोडक्ट डेवलपमेंट में जा रहा है। वहीं, बाजार और भौगोलिक विस्तार पर 26 फीसदी पूंजी लगाई जा रही है। इस प्रकार, संयुक्त हिस्सेदारी 53 फीसदी हो जाती है। यह दर्शाता है कि युवा संस्थापक विवेकाधीन खर्च के बजाय दीर्घकालिक उत्पाद निर्माण और बाजार विस्तार को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे लगातार निवेशकों की रुचि भी आकर्षित कर रहे हैं।

जेप्टो इस वर्ष की सूची में सबसे अधिक फंडिंग पाने वाला स्टार्टअप है। इसने अब तक 2.3 अरब डॉलर जुटाए हैं। फिनटेक कंपनी भारतपे 650 मिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है। क्लीन मोबिलिटी क्षेत्र की सिंपल एनर्जी 99 मिलियन डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर है। भारतपे ने 18 फंडिंग राउंड पूरे किए हैं, जो सूची में सबसे अधिक हैं। सिंपल एनर्जी और जेप्टो ने 15-15 दौर पूरे किए हैं। पिक्सेल ने 11 और बाज बाइक्स ने नौ राउंड पूरे किए हैं।

अवेंडस वेल्थ-हुरुन इंडिया यू30 सूची 2026 में प्रवेश पाने वाले 10 सबसे युवा 24 वर्ष या उससे कम आयु के हैं। अपोलिंक के ओंकार सिंह बत्रा और सुपरमेमोरी के ध्रव्य शाह 20 वर्ष की आयु वाले सूची में सबसे युवा हैं। जेप्टो के सह-संस्थापक आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा (23 वर्ष) भी 20 की शुरुआती उम्र के अन्य संस्थापकों में शामिल हैं। स्पेसटेक और उभरते तकनीक उद्यमों में भी पूंजी का आवंटन हुआ है। पिक्सेल ने 96 मिलियन डॉलर, क्लैरिटी ने 90 मिलियन डॉलर और विस्प्र एआई ने 81 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। दिगंतरा, स्विस और ट्रायोमिक्स ने क्रमशः 67 मिनियन डॉलर, 54 मिलियन डॉलर और 51 मिलियन डॉलर हासिल किए हैं।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/india-s-u30-startups-prioritize-product-expansion-with-over-half-of-funds-hurun-report-2026-07-01