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देश के कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए एक राहत भरी खबर है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (कारोबार में सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सोमवार को लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 के तहत 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' (सुधार नोटिस) का नया सिस्टम लागू करने का ऐलान किया है।
मरम्मत करने वाले और सामान्य व्यापारी
पहली बार की जाने वाली जिन गलतियों पर यह नोटिस मिलेगा, उनमें पंजीकरण, डॉक्यूमेंटेशन, मॉडल अप्रूवल, वजन और माप उपकरणों के निर्माण व बिक्री, पैकेटबंद वस्तुओं के लेनदेन और वैधानिक जानकारी देने में हुई चूक शामिल है।
अनावश्यक मुकदमेबाजी में भारी कमी आएगी।
कारोबारियों की अनुपालन लागत कम होगी।
उद्योगों के लिए नियामक निश्चितता बेहतर होगी।
यह सुधार ईमानदार कारोबारियों को नियमों के पालन में मदद करने और लीगल मेट्रोलॉजी सिस्टम की प्रामाणिकता बनाए रखने के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाता है। अब प्रवर्तन एजेंसियां अपना पूरा ध्यान और संसाधन उन जानबूझकर किए गए और बार-बार होने वाले उल्लंघनों पर केंद्रित कर सकेंगी, जो वास्तव में उपभोक्ताओं के हितों पर असर डालते हैं। यह कदम भारतीय कारोबारी माहौल को और अधिक पारदर्शी और भयमुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/govt-eases-legal-metrology-rules-for-first-time-violators-under-jan-vishwas-act-2026-06-29