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शादी से कुछ महीने पहले एक कपल लोहागढ़ फोर्ट की चोटियों पर प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए गया था। लेकिन यह शूट एक दर्दनाक मौत में बदल गया। शुरुआत में मामला हादसा लगा, लेकिन पुलिस जांच में दावा किया गया कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी। आरोप है कि 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की हत्या उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर की। पुलिस का कहना है कि हत्या की योजना कई दिन पहले से बनाई गई थी और इस मामले में कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने जांच की दिशा ही बदल दी। आइए, इस पूरे मामले की टाइमलाइन के जरिए समझते हैं कि अब तक क्या-क्या सामने आया है।
केतन, महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ के जाने-माने कंस्ट्रक्शन बिजनेसमैन विशाल अग्रवाल के बेटे थे। उनकी शादी राजस्थान के उदयपुर में नवंबर में होनी थी। सूत्रों के मुताबिक, शादी के लिए दोनों के परिवारों ने जयपुर में एक महल 17 करोड़ रुपये में बुक किया था और मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए दो प्राइवेट प्लेन का इंतजाम किया था। तैयारियां जोरों पर थीं, फिर केतन के परिवार को खबर मिली कि तेज हवा के कारण केतन का पैर फिसल गया। वह 350 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसी दिन 18 जून को सिया का जन्मदिन था। उसने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखी। सिया ने लिखा कि तुमने मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़ दिया। हम शादी के इतने करीब थे। तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए। इस पोस्ट के साथ उसने रोमांटिक वीडियो भी शेयर किए। इस पोस्ट को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई थीं।
केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23 जून को एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत एक हादसा नहीं बल्कि मर्डर है। इस एफआईआर में कई जरूरी बातें दर्ज की गई:
परिवार ने आरोप लगाया है कि सिया गोयल पिछले कुछ समय से असामान्य व्यवहार कर रही थी और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी।
एफआईआर के अनुसार, सिया लगातार केतन पर लोहागढ़ किला घूमने जाने का दबाव बना रही थी।
17 जून की रात सिया ने अपने जन्मदिन का हवाला देकर केतन को 18 जून को लोहागढ़ चलने के लिए तैयार किया था।
केतन की मां ने पहले यात्रा की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन सिया ने उनसे सीधे बात कर उन्हें मना लिया था।
18 जून को केतन ने सिया को किवाले पुल से लिया और दोनों लोहागढ़ किले पहुंचे थे।
सुबह करीब 10:45 बजे सिया ने फोन कर केतन के खाई में गिरने की जानकारी परिवार को दी थी।
21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद परिवार ने दावा किया कि वहां से गलती से फिसलकर गिरने की संभावना बहुत कम है।
परिवार ने आरोप लगाया कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह चेतन चौधरी का बार-बार जिक्र करती थी।
एफआईआर में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित प्रेम संबंध होने और केतन को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया।
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास मिल रहा था। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने सच उगल दिया। अब सिया का दावा है कि पूरी योजना चेतन की थी, जबकि चेतन खुद को निर्दोष बताते हुए सिया को मुख्य साजिशकर्ता बता रहा है। पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को भारतीय न्याय संहिता के तहत 23 जून को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों को पहले 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा अब इसे बढ़ा कर 3 जुलाई कर दिया गया है। पुलिस दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पिछले करीब छह महीनों से लगातार संपर्क में थे। इन दोनों के बीच इस दौरान 2,004 फोन कॉल हुए और करीब 238 घंटे तक बातचीत हुई।
जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपियों ने 18 जून से पहले और लोहागढ़ की घटना के बाद अपने फोन से चैट डिलीट कर दी थीं। ये चैट उनके फोन के रीसाइकल बिन से भी हटाई गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को हत्या वाले दिन दोनों ने एक कैफे में मुलाकात की थी। यहां उन्होंने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खत्म करने की प्लान पर चर्चा की और लोणावला के लोहागढ़ किले पर एक जगह भी तय की, जहां से उसे धक्का दिया जा सके।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने केतन को अपनी प्रेम कहानी में बाधा मान लिया था और उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था।
जांच में यह भी पता चला कि 6 जून को मुंबई एयरपोर्ट जाते समय सिया गोयल ने केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था, ताकि उसका बाली जाने का प्लान रुक जाए।
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया पहले भी केतन को कई बार लोहेगढ़ किले पर ले जाने की कोशिश कर चुकी थी।
31 मई को वह उसे वहां ले गई थी और 4 जून को फिर से ले जाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उसकी मां ने अनुमति नहीं दी।
14 जून को भी उसने केतन को किले पर ले जाकर कथित तौर पर धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया था।
पुलिस का दावा है कि योजना के अनुसार सिया गोयल ने बैठकर पहले से तय सिग्नल दिया, जिसके बाद चौधरी पीछे से आया और अग्रवाल को खाई में धकेल दिया। सिया ने पुलिस को बताया कि उसके और चेतन के बीच तय हुआ था कि जब मैं नीचे झुक जाऊं तो समझ लेना कि केतन को धक्का देना है।
इस बीच 25 जून को एनसीपी विधायक सुनील शेलके ने इस मामले को महाराष्ट्र विधानसभा में पूरी ताकत से उठाया। उन्होंने मांग की कि लड़की के परिवार को भी इस केस में आरोपी बनाया जाए। शेलके का दावा है कि लड़की के परिवार को उसके अफेयर की जानकारी थी। उन्होंने यह बात अग्रवाल परिवार से छिपाई। विधायक ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। इसके बाद पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने एसआईटी जांच का आदेश दिया।
सिया की मां ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि शादी से पहले उन्होंने कई बार अपनी बेटी से पूछा था कि क्या वह इस रिश्ते से खुश है? हर बार सिया ने कहा कि उसे केतन पसंद है और वह शादी करना चाहती है। परिवार का कहना है कि उन्हें कभी ऐसा संकेत नहीं मिला जिससे लगे कि सिया इस शादी से खुश नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया को केतन का गंजापन बिल्कुल पसंद नहीं था। इसके साथ ही केतन को बोलने में थोड़ी दिक्कत थी और वह कभी-कभी हकलाता था। सिया इस बात से बेहद नफरत करती थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने दावा किया कि उसने यह बात अपने परिवार को भी बताई थी, लेकिन उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं थी। पुलिस की पूछताछ में सिया ने दावा किया था कि उसने केतन को शादी के लिए मना कर दिया था। पूछताछ में सिया ने दावा किया कि उसने केतन अग्रवाल को साफ बता दिया था कि वह उससे शादी नहीं करना चाहती। सिया का कहना है कि इसके जवाब में केतन हमेशा कहता था कि अब बहुत देर हो चुकी है, बात बहुत आगे बढ़ गई है और अब कुछ नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने बताया कि उनके पास सिया और केतन दोनों के मोबाइल फोन मौजूद हैं। इन फोन से बरामद किए गए चैट्स सिया की बातों को पूरी तरह झुठलाते हैं। दोनों के बीच हुई बातचीत से साफ था कि वे एक सामान्य और खुशहाल कपल की तरह बात कर रहे थे।
इसी बीच 26 जून को मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। हालांकि मुख्यमंत्री ने मामले की तेजी से जांच कराने और विशेष जांच दल यानी एसआईटी के गठन का भरोसा दिया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिया के भाई साहिल और चेतन की पहली मुलाकात 2024 में क्रिकेट के माध्यम से हुई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया, 'वे साथ में क्रिकेट खेलते थे। बाद में चेतन ने साहिल के माध्यम से सिया से दोस्ती की।' जांचकर्ताओं ने बताया कि खेल से जुड़े संबंध के रूप में शुरू हुआ यह रिश्ता धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गया, जिसके कारण चेतन गोयल परिवार के संपर्क में आने लगा। साथी ही चेतन के पिता का पुणे में ड्राई फ्रूट्स और किराना कारोबार है। उनकी दुकान के सामने ही सिया के पिता का प्रॉपर्टी कारोबार का कार्यालय है। इसी दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ीं। दोनों एक ही कॉलेज में भी पढ़ते थे।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया ने शादी की शॉपिंग और अन्य विवाह संबंधी तैयारियों का हवाला देकर केतन से लगभग 1 करोड़ रुपए लिए थे, लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल शादी में करने के बजाय उसने पूरी रकम चेतन चौधरी को दे दी, ताकि वह अपना करियर बना सके और आर्थिक रूप से मजबूत हो सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि पैसों का यह लेन-देन कथित साजिश का अहम हिस्सा था।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी चेतन चौधरी घटना वाले दिन करीब 640 मिनट तक मोबाइल इंटरनेट से पूरी तरह अलग रहा। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह लंबा ऑफलाइन समय जानबूझकर रखा गया था, ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन और गतिविधियों का पता न चल सके। पुलिस का आरोप है कि करीब 33 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के बावजूद चौधरी ने पहचान छिपाने के लिए मोटी सर्दियों वाली हुडी पहन रखी थी। जांच के अनुसार, वह किले के रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान स्थान पर सिया गोयल कथित तौर पर पहले से तय संकेत के तहत बैठ गईं। इसके बाद चौधरी छिपने की जगह से बाहर आया और कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस हत्याकांड केस में अब नया कानूनी विवाद भी खड़ा हो गया है। आरोपी सिया गोयल का केस लड़ने को लेकर दो वकीलों, आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग के बीच खींचतान शुरू हो गई है। 29 जून को वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया और उसके भाई साहिल गोयल ने कहा था कि उनके वकील विपुल दुशिंग हैं। आशुतोष श्रीवास्तव उन पर दबाव बना रहे हैं। इस बयान से नाराज होकर वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेज दिया है। नोटिस में मांग की गई है कि साहिल अपना बयान तुरंत वापस लें और सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।
पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिया गोयल और चेतन ने केतन को लोहगढ़ किले से नीचे धकेलने से पहले पुणे के लुल्लानगर स्थित सेक्टर-37 में दो बार धक्का देकर मारने का पूर्वाभ्यास किया था। पुलिस का मानना है कि केतन की हत्या कई सप्ताह की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। दोनों ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान पहाड़ी पर इस काम की प्रैक्टिस करने की बात कबूल की।
1 जुलाई को सिया गोयल और केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां पुलिस ने कथित हत्या की पूरी घटना का पुनर्निर्माण किया। इसमें आरोपियों द्वारा अपनाया गया रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई गतिविधियां और घटना किस तरह हुई, इन सभी पहलुओं को दोबारा समझा गया। इस दौरान जांच अधिकारियों ने घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए केतन की लंबाई और वजन से मेल खाती फाइबर की एक डमी को 300 फीट से अधिक गहरी खाई में फेंका।
लोहागढ़ मर्डर केस में अब एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो 7 मई को हुए एक पारिवारिक समारोह का बताया जा रहा है, जिसमें केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के माता-पिता और दोनों परिवारों के साथ खुशी-खुशी डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में केतन और सिया के पिता प्रवीण गोयल साथ में डांस करते दिखाई देते हैं। यह वीडियो गायिका ऋतु शर्मा ने साझा किया, जिन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी। उन्होंने केतन को मासूम और विनम्र बताते हुए भावुक पोस्ट लिखी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
लोनावला ग्रामीण पुलिस व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ परीक्षण कराने के लिए अदालत से अनुमति लेने की तैयारी कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य अभी भी छिपाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारियों के अनुसार, पुलिस सिया गोयल को पुणे में उस जगह ले गई, जहां उसने और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे धकेलने की रिहर्सल की थी। आज इस मामले की कोर्ट में सुनावाई होगी।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/ketan-agrawal-death-how-did-an-alleged-accident-turn-into-a-suspected-murder-plot-2026-07-02