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पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' को बड़े बदलावों के साथ दोबारा लाइव कर दिया है। ईपीएफओ पोर्टल 26 जून 2026 की रात से सिस्टम अपग्रेडेशन और डेटाबेस माइग्रेशन का हवाला देकर बंद किया गया था। करीब एक हफ्ते तक अपग्रेड के कारण बंद रहने के बाद अब यह पोर्टल नए रूप में उपलब्ध है। इस तकनीकी बदलाव के तहत अब वेबसाइट से डायरेक्ट यूएएन अलॉटमेंट और यूएएन एक्टिवेशन जैसी सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। अब खाताधारकों को इन सेवाओं के लिए मोबाइल एप का रुख करना होगा, जिससे सुरक्षा और रफ्तार दोनों को बेहतर बनाया जा सके।

ईपीएफओ ने अपने तकनीकी ढांचे को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और तेज बनाने के लिए यह कदम उठाया है। अब तक खाताधारक यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर सीधे अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक्टिवेट कर लेते थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से अब इस विकल्प को वेब पोर्टल से हटा दिया गया है। ईपीएफओ के अनुसार, इस अपग्रेड का उद्देश्य हितधारकों को अधिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण देना है, जिससे पीएफ खातों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को पूरी तरह से रोका जा सके।

यूएएन एक्टिवेशन और डायरेक्ट यूएएन अलॉटमेंट की सेवाएं अब सरकारी उमंग एप पर शिफ्ट कर दी गई हैं। अब इस सेवा के लिए खाताधारकों को 'आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन' (एफएटी) तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। इसकी प्रक्रिया निम्न है:

प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से UMANG एप डाउनलोड करें।

एप खोलकर ईपीएफओ सेवाओं का चयन करें।

यूएएन सर्विसेज थ्रू फेस ऑथ के तहत 'यूएएन एक्टिवेशन' या यूएएन अलॉटमेंट विकल्प चुनें।

पीएफ खाता होने पर यदि यूएएन नहीं है, तो मोबाइल नंबर सत्यापित कर नया यूएएन जनरेट व लिंक कर सकते हैं।

अपग्रेडेड पोर्टल पर खोया या भूला हुआ यूएएन नंबर ढूंढने की प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया गया है। अब खाताधारक मात्र दो चरणों में अपना यूएएन दोबारा प्राप्त कर सकते हैं:

खाताधारक को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और पहचान या पते का वैध प्रमाण अपलोड करना होगा।

इसके बाद ओटीपी दर्ज कर विवरण सत्यापित करते ही यूएएन मिल जाएगा।

राहत की बात यह है कि नॉमिनी या लाभार्थी ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से सीधे डेथ क्लेम (पेंशन संबंधी दावों सहित) फाइल करना जारी रख सकते हैं। हालांकि, इन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है:

लाभार्थी का मोबाइल नंबर उसके आधार कार्ड से लिंक और सक्रिय होना चाहिए।

आवेदन के लिए सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र, लाभार्थी का जन्म प्रमाण पत्र और बैंक खाता प्रमाण (कैंसिल चेक या पासबुक) आवश्यक है।

दस्तावेज केवल पीडीएफ फॉर्मेट में ही स्वीकार किए जाएंगे, जिसकी साइज दो एमबी से अधिक नहीं होनी चाहिए और फाइल के नाम में कोई खाली जगह (स्पेस) नहीं होनी चाहिए।

ईपीएफओ के इस अपग्रेड से पीएफ सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी की गुंजाइश खत्म होगी। चेहरे की पहचान (फेस ऑथेंटिकेशन) जैसी अत्याधुनिक तकनीक के जुड़ने से खाताधारकों के पैसों की सुरक्षा मजबूत हो गई है। यह कदम सरकारी सेवाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण और मोबाइल-फर्स्ट गवर्नेंस की दिशा में बड़ा बदलाव है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/epfo-portal-upgrade-uan-activation-and-allotment-on-portal-discontinued-services-shifted-to-umang-app-via-aa-2026-07-03