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चालू वित्त वर्ष में सरकार के प्रत्यक्ष कर संग्रह में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। 13 जुलाई तक यह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इसमें कॉरपोरेट कर से हुई मजबूत आय का बड़ा योगदान है। सरकारी आंकड़ों से मंगलवार को यह जानकारी मिली।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कॉरपोरेट कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शुद्ध कॉरपोरेट कर में 22 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह को आगे बढ़ाने में सहायक रही है। कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से यह संभव हुआ है। इससे सरकार की राजस्व स्थिति मजबूत हुई है।

गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह में भी अच्छी वृद्धि देखी गई है। इसमें व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्मों द्वारा चुकाए गए कर शामिल हैं। यह संग्रह करीब 12 फीसदी बढ़ा है। यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत करदाताओं का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। अर्थव्यवस्था में सुधार से व्यक्तिगत आय में वृद्धि हुई है।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए प्रत्यक्ष करों से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बजट रखा है। यह पिछले वित्त वर्ष (2026) में एकत्र किए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये से 15 फीसदी अधिक है। वर्तमान संग्रह रुझान इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। मजबूत कर वृद्धि से सरकार को अपने वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह वृद्धि देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का भी संकेत देती है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/government-direct-tax-collection-jumps-over-16-percent-know-all-about-this-2026-07-14