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तकनीक की दुनिया में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। दिग्गज टेक कंपनी एपल ने चिप निर्माता एनवीडिया को पछाड़कर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब फिर हासिल कर लिया है। अप्रैल 2025 के बाद यह पहला मौका है जब एपल शीर्ष पर लौटी है, जो दर्शाती है कि निवेशक अब एआई बूम के शुरुआती विजेताओं से आगे देखने लगे हैं। शुक्रवार को एपल का मार्केट कैप लगभग 4.88 ट्रिलियन डॉलर रहा, जबकि एनवीडिया के शेयर 3.5% गिरने से उसकी मार्केट वैल्यू 4.86 ट्रिलियन डॉलर रह गई।
एनवीडिया जून 2025 से इस खिताब पर काबिज थी, जिसे उसके एआई चिप्स की भारी मांग से मजबूती मिली थी। लेकिन हाल ही में सेमीकंडक्टर बाजार में आई अस्थिरता का फायदा एपल को मिला। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स जुलाई की बिकवाली में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 19% गिर चुका है। इस बिकवाली ने एनवीडिया के शेयरों पर दबाव डाला, जिससे एपल मामूली बढ़त के साथ शीर्ष पर पहुंच गई।
एआई की रेस में लंबे समय तक एपल को प्रतिद्वंद्वियों से पीछे (लैगार्ड) माना जा रहा था। लेकिन अब निवेशकों का नजरिया बदला है। एनवीडिया जहां डेटा सेंटर्स के भारी पूंजीगत खर्च पर निर्भर है, वहीं एपल के पास उपकरणों और सेवाओं का विशाल इकोसिस्टम है। बीआरआई वेल्थ मैनेजमेंट के टोनी मीडोज के अनुसार, "एपल पर भारी पूंजीगत खर्च का दबाव कम है और वह सेवाओं, इकोसिस्टम और हार्डवेयर अपग्रेड के जरिए एआई से कमाई की बेहतर स्थिति में है, जो इसकी स्थायी कमाई के प्रति निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है"।
एपल ने पिछले महीने अपने वॉयस असिस्टेंट 'सिरी' को अधिक सक्षम रूप में पेश किया। कंपनी का मानना है कि उसकी सबसे बड़ी ताकत करोड़ों यूजर्स के पास मौजूद आईफोन हैं। इनमें मौजूद व्यक्तिगत डेटा के जरिए सिरी अधिक उपयोगी और व्यक्तिगत सेवाएं दे सकती है। हालांकि, इसके साथ ही एपल को ब्रांड की पहचान बन चुकी प्राइवेसी सुरक्षा को भी बनाए रखना होगा।
एपल का शीर्ष पर आना एनवीडिया के दबदबे का अंत नहीं है। अक्टूबर में एनवीडिया पांच ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी थी। सेगल मार्को के बेंजामिन हॉल के अनुसार, मामूली अंतर के कारण शेयरों में सुधार होते ही एनवीडिया दोबारा यह स्थान हासिल कर सकती है, और भविष्य में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी।
एआई बाजार में अब निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ एनवीडिया तक सीमित नहीं है। मेमोरी चिप निर्माता माइक्रोन ने मई में 1 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप पार किया, जबकि दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स नैस्डैक पर लिस्ट हुई है। बेंजामिन हॉल के अनुसार, नए खिलाड़ियों के आने से बाजार का ध्यान केवल 'मैग्नीफिसेंट सेवन' कंपनियों से हट रहा है। एपल की वापसी दर्शाती है कि एआई का ध्यान अब इंफ्रास्ट्रक्चर से हटकर सीधे उपभोक्ताओं तक सेवाएं पहुंचाने वाली कंपनियों पर है।
Source: https://www.amarujala.com/business/bazaar/apple-reclaims-crown-from-nvidia-to-become-world-s-most-valuable-company-as-ai-investors-shift-focus-2026-07-17