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आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी (39) के बारे में परेशान करने वाली बातें सामने आई हैं, जिनमें पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल, समाज से बेदखल होना और मानसिक सेहत का बिगड़ना शामिल है।

पुलिस के मुताबिक, फैयाज प्रेमजी मुहर्रम जुलूस से करीब दो सप्ताह पहले नजदीकी एक सस्ते होटल में रुका था, वहां रहने के दौरान उसने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए 30,000 खाली कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फास्फाइड मंगवाया। जिंक फास्फाइड एक बहुत जहरीला रसायन है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है। आरोपी ने कई दिनों तक होटल के कमरे में ही ये कैप्सूल तैयार किए।

मुंबई पुलिस ने जांच में पाया है कि प्रेमजी का वैवाहिक और पारिवारिक जीवन बिखर गया था, जिससे वह भावनात्मक रूप से परेशान हो गया था और अपने ही समुदाय के लोगों के प्रति उसके मन में गहरी नाराजगी थी।

आरोपी को अपने धर्म के खिलाफ गुस्सा था, उसने कुछ साल पहले मुस्लिम धर्म की प्रथाओं और परंपराओं का विरोध करते हुए पर्चे भी बांटें थे, इसके बाद धार्मिक नेताओं ने कथित तौर पर उसके परिवार को समुदाय से बहिष्कृत कर दिया था।

सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बाद प्रेमजी अपनी मां, बड़े भाई और अपनी दो छोटी बहनों, सकीना और रुबीना के साथ पुणे चला गया। बताया जाता है कि वह कभी-कभी मुंबई आता था और यहां सस्ते होटलों में रहता था।

प्रेमजी ने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) की डिग्री हासिल की है और वह शादीशुदा था, लेकिन चार साल पहले उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था।

जांचकर्ताओं का मानना है कि परिवार में तनावपूर्ण रिश्तों और भाई व रिश्तेदारों द्वारा नजरअंदाज किए जाने के चलते उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने बताया कि वह कई तरह की दवाएं और गोलियां भी ले रहा था।

2019 में प्रेमजी अपनी मां, भाई और बहनों के साथ ईरान चला गया, जहा उसने फास्ट फूड का बिजनेस शुरू किया, लेकिन साल 2025 में वह पुणे लौट आया। आरोपी के बयान के अनुसार उसके दादाजी ने भी शिया समुदाय की कठोर प्रथाओं के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसका असर शायद उसके नजरिए पर पड़ा।

पुलिस ने बताया कि 2025 में पुणे लौटने के बाद फैयाज प्रेमजी मुहर्रम का इंतजार कर रहा था और उसने कथित तौर पर हमले की योजना बहुत पहले ही बना ली थी। ऑनलाइन तरीके से कैप्सूल बनाना सीखा और कथित तौर पर यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही लगभग 30,000 कैप्सूल बनाए।

पुलिस के अनुसार, प्रेमजी का मानना है कि उसकी निजी परेशानियों, जैसे कि उसकी टूटी हुई शादी और परिवार में अशांति के लिए उसका अपना समुदाय ही जिम्मेदार था। उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए अपने शिया समुदाय के लोगों को निशाना बनाने का फैसला किया।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/mumbai-muharram-poisonus-capsule-case-accused-premji-hate-his-own-community-shocking-revelations-of-reason-2026-06-30