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अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' की सख्त टिप्पणियों के कारण गुरुवार सुबह लाल निशान में खुले भारतीय शेयर बाजार ने दिन के अंत तक शानदार वापसी की है। मजबूत खरीदारी के दम पर शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार पांचवें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा है। आइए समझते हैं कि किन सेक्टर्स के दम पर बाजार ने इस वैश्विक झटके से उबरकर नया मुकाम हासिल किया है।

शेयर बाजार ने गुरुवार को कितनी मजबूत क्लोजिंग दी? गुरुवार (18 जून 2026) को भारतीय शेयर बाजार ने एक मजबूत रिकवरी दर्ज की। दिन के कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.32%) की शानदार बढ़त के साथ 77,409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34%) उछलकर 24,168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 'हॉकिश' रुख का सुबह क्या असर दिखा? कारोबारी सत्र की शुरुआत में बाजार लाल निशान में खुला था। इसका मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की वह सख्त टिप्पणी थी, जिसने इस साल के अंत तक ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं को जन्म दिया है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही निवेशकों की ओर से हुई चौतरफा खरीदारी ने बाजार को इस दबाव से पूरी तरह बाहर निकाल लिया।

किन शेयरों और सेक्टर्स ने निवेशकों को सबसे ज्यादा मुनाफा कराया? सेक्टोरल मोर्चे पर बात करें तो बाजार का दायरा काफी सकारात्मक रहा। निफ्टी के अधिकांश इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए।

टॉप सेक्टर्स: इस तेजी को लीड करने में मुख्य रूप से रियल्टी, मिड और स्मॉल-कैप हेल्थकेयर, केमिकल्स और फार्मा सेक्टर्स का अहम योगदान रहा। इसके साथ ही बैंकिंग इंडेक्स ने भी बाजार को जरूरी सपोर्ट दिया।

टॉप स्टॉक्स: शेयरों की बात करें तो मैक्स हेल्थ के शेयरों में 6 प्रतिशत और इंडिगो के शेयरों में 3 प्रतिशत का शानदार उछाल देखा गया।

बाजार की इस शानदार रिकवरी में कौन सा सेक्टर सबसे ज्यादा पिछड़ा? बाजार में चौतरफा हरियाली के बीच आईटी सेक्टर आज स्पष्ट रूप से सबसे बड़ा 'लगार्ड' यानी पिछड़ने वाला सेक्टर साबित हुआ। टेक्नोलॉजी सेक्टर्स के शेयरों में दिखी भारी बिकवाली और तेज गिरावट ने आज बाजार के टेक सेंटीमेंट को काफी नीचे खींचने का काम किया।

घरेलू बाजार को इतनी मजबूती देने वाले मुख्य कारक कौन से हैं? बाजार के मजबूत बने रहने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने घरेलू बाजार को एक बड़ा सपोर्ट दिया है। सस्ते कच्चे तेल और चुनिंदा खरीदारी के कारण घरेलू साइक्लिकल्स और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर बढ़ोतरी के झटके के बावजूद लगातार 5वें दिन भारतीय शेयर बाजार का यह सकारात्मक रुख दिखाता है कि घरेलू अर्थव्यवस्था की बुनियाद बेहद मजबूत है। निचले स्तर पर हो रही खरीदारी और सस्ते कच्चे तेल ने वैश्विक दबाव को काफी हद तक बेअसर कर दिया है।

Source: https://www.amarujala.com/business/bazaar/sensex-closing-bell-share-market-closing-sensex-nifty-share-market-news-and-updates-2026-06-18