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भारतीय बाजार पर सोमवार सुबह क्या असर हुआ?सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही और प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर खुले। बीएसई सेंसेक्स 650 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर का परीक्षण करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में 0.9% तक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स 446.48 अंक (0.57%) टूटकर 77,122.91 पर और एनएसई निफ्टी 137.21 अंक (0.57%) फिसलकर 24,069.70 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार में मची इस खलबली के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में युद्ध का नया दौर और तनाव का बढ़ना है। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है। सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को बंद कर दिया है। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के इस कदम से वैश्विक जोखिम धारणा और कच्चे तेल की कीमतों पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।

पश्चिम एशिया की इस अशांति की चपेट में केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम बड़े बाजार आ गए हैं। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:47 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर निम्नलिखित गिरावट दर्ज की गई:

एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.3% की गिरावट आई।

जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स1.8% की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।

जापान का ही टोपिक्स सूचकांक भी 0.7% नीचे फिसल गया।

ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 (S&P/ASX 200) 0.3% कमजोर रहा।

चीन का शंघाई कंपोजिट 0.6% और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 0.6% की गिरावट के साथ खुले।

हालांकि, इन सबके बीच हांगकांग का हैंग सेंग इकलौता ऐसा बाजार रहा जो विपरीत परिस्थितियों में भी 1% की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा।

ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद किए जाने के बाद बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की पूरी आशंका बनी हुई है। हालांकि, भारतीय बाजार के भविष्य को लेकर बाजार विश्लेषकों का नजरिया बहुत नकारात्मक नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि संभावित उतार-चढ़ाव और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार अपनी क्रमिक ऊपर की ओर जाने वाली गति को बनाए रख सकते हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण भारत के मजबूत घरेलू बुनियादी सिद्धांत और वैश्विक संकेतों में होने वाला सुधार है, जो आने वाले समय में बाजार को सहारा दे सकते हैं। पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों ने फिलहाल वैश्विक बाजारों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अब निवेशकों और विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकेगी कि आने वाले दिनों में यह भू-राजनीतिक तनाव थमता है या और अधिक गहराता है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/sensex-opening-bell-share-market-opening-sensex-nifty-share-market-news-and-updates-2026-07-13