अदालत के भीतर यह मामला लंबे समय तक कानूनी दांव-पेचों से गुजरा. आरोपियों की तरफ से कई बार जमानत याचिकाएं दाखिल की गईं. हाल ही में, सितंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ताहिर हुसैन की जमानत याचिका को यह कहते हुए सिरे से खारिज कर दिया था कि यह एक युवा खुफिया अधिकारी की बर्बर हत्या का बेहद चौंकाने वाला मामला है, जिसमें जमानत का कोई आधार नहीं बनता.
Source: https://ndtv.in/india/2020-delhi-riots-case-11-accused-including-former-aap-councillor-tahir-hussain-convicted-for-the-murder-of-an-ib-officer-11765505#publisher=newsstand