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फिल्म 'उड़ता पंजाब' की कहानी ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया था। इस फिल्म के लिए बड़े पर्दे तक आने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। कभी यह कानूनी विवाद में फंसी, कभी सेंसर बोर्ड से टकराव हुआ। साथ ही कुछ और बातें भी फिल्म की ऐसी थीं, जिन्हें जानकर फैंस हैरान हो जाएंगे।

1. मेकर्स ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में 89 कट्स लगाए। साथ ही ‘पंजाब’ शब्द हटाने की मांग की। ऐसे में मेकर्स ने झुकने के बजाय मुंबई हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत का फैसला फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के पक्ष में रहा। फिल्म को सेंसर ने बाद में सिर्फ एक कट के साथ रिलीज करने की अनुमति दी।

2. स्टार्स ने कम की थी फिल्म के अपनी फीस

शाहिद कपूर, आलिया भट्ट और करीना कपूर खान ने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के लिए अपनी सामान्य फीस से काफी कम रकम ली थी। बड़े सितारों का ऐसा फैसला बॉलीवुड में कम ही देखने को मिलता है। इससे साफ था कि फिल्म का विषय उनके लिए कमाई से ज्यादा अहम था।

3. शाहिद कपूर और करीना का बिना मुलाकात वाला री-यूनियन 'जब वी मेट’ और ब्रेकअप के बाद शाहिद कपूर और करीना कपूर ‘उड़ता पंजाब’ का हिस्सा बने। मगर दोनों ने एक भी सीन फिल्म में साथ नहीं किया था। दर्शकों को जहां उनके ऑन-स्क्रीन री-यूनियन की उम्मीद थी, वहीं फिल्ममेकर्स ने दोनों के किरदारों को पूरी तरह अलग रखा था।

4. अलिया नहीं थी फिल्म के लिए पहली पसंद फिल्म में बिहारी लड़की के किरदार के लिए पहले प्रियंका चोपड़ा और बाद में परिणीति चोपड़ा के नाम पर विचार किया गया था। आखिर में यह रोल अलिया भट्ट को मिला। इस किरदार को आलिया ने बखूबी निभाया, उनके एक्टिंग करियर में यह रोल मील का पत्थर साबित हुआ।

5. सोनाक्षी भी निभा सकती थीं खास रोल निर्देशक अभिषेक चौबे ने आलिया वाले किरदार के लिए सोनाक्षी सिन्हा के बारे में भी सोचा था। हालांकि बाद में निर्माताओं ने अलिया भट्ट को चुनने का फैसला किया। यह बदलाव उस समय काफी चर्चा में रहा और फिल्म के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ।

6. 'चित्ता वे' गाने में दिखी असली भीड़ इस फिल्म के गाने 'चित्ता वे' की शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में असली फैंस सेट पर पहुंच गए थे। आमतौर पर ऐसे मौकों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था रखी जाती है, लेकिन उसी माहौल में शूटिंग जारी रखी गई। बाद में बड़े पर्दे इस गाने में एक अलग एनर्जी दिखाई दी।

7. दिलजीत दोसांझ को हिंदी सिनेमा में लाने का दांव

फिल्म में दिलजीत दोसांझ को एक अहम भूमिका देना भी बड़ा फैसला था। उस समय वह पंजाबी इंडस्ट्री के बड़े स्टार थे, लेकिन हिंदी फिल्मों के लिए नया चेहरा थे। आगे चलकर 'उड़ता पंजाब' ने उन्हें पूरे देश में पहचान दिलाई।

8. रिलीज से पहले लीक फिर भी नहीं टूटा हौसला

फिल्म ‘उड़ता पंजाब ’रिलीज से दो दिन पहले ऑनलाइन लीक हो गई थी। लीक हुई कॉपी पर सेंसर वॉटरमार्क भी मौजूद था, जिससे मामला और गंभीर हो गया। इसके बावजूद फिल्म ने सिनेमाघरों में अच्छा कलेक्शन किया और चर्चा का केंद्र बनी रही।

9. सेंसरशिप और राजनीतिक हस्तक्षेप का मामला

‘उड़ता पंजाब’ को लेकर सेंसर बोर्ड का रवैया जैसा रहा, उसके लेकर अनुराग कश्यप ने माेर्चो खोल दिया। लेकिन पूर्व सीबीएफसी प्रमुख पहलाज निहलानी ने कहा था कि फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की रिलीज रोकने का कोई राजनीतिक दवाब नहीं था। इसके बावजूद सेंसरशिप और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर खूब बहस छिड़ी थी।

10. सच्चाई को पर्दे पर दिखाने का फैसला 'उड़ता पंजाब' किसी काल्पनिक कहानी पर आधारित नहीं थी। फिल्म की प्रेरणा एक इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट से मिली थी, जिसने पंजाब में नशे की समस्या को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया था। फिल्म निर्माताओं ने विवाद से बचने के बजाय उस सच्चाई को दिखाने का जोखिम उठाया, जिसे कई लोग नजरअंदाज कर रहे थे।

Source: https://www.amarujala.com/entertainment/bollywood/movie-udta-punjab-complete-10-years-starring-shahid-kapoor-kareena-kapoor-alia-bhatt-unknown-facts-2026-06-17