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मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में पिछले एक सप्ताह से जारी मूसलधार बारिश का असर अब केवल जनजीवन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका सीधा असर कारोबार पर देखने को मिल रहा है। व्यापारियों और संगठनों का कहना है कि जलभराव, परिवहन व्यवस्था में आई रुकावट और लोगों के घर से बाहर नहीं निकल ने की वजह से खुदरा व्यापार, उद्योग निर्माण और कपड़ा कारोबार को मिलकाकर कुल 1150 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। कारोबारियों और संगठनों का कहना है, हर साल बीएमसी मॉनसून की तैयारी पर करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन तेज बारिश होती है पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है और इसका सबसे अधिक नुकसान कारोबार को उठाना पड़ता है।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन ललित गांधी ने अमर उजाला डॉटकॉम को बताया कि भारी बारिश के कारण औद्योगिक क्षेत्र जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और थोक मंडियों के कारोबार 40 से 60 प्रतिशत तक घट गए हैं। जो स्थिति बनी हुई है, उसमें प्रति दिन 500 करोड़ रुपये के व्यापारिक लेनदेन पर असर पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा दबाव एमएसएमई इकाइयों पर देखने को मिल रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रतिदिन 1000 से 1500 करोड़ रुपये के कारोबार अथवा लेनदेन पर असर पड़ सकता है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मंत्री शंकर ठक्कर ने बताया कि बारिश की वजह से ग्राहकों की संख्या पर असर पड़ा है। सरकार और नीजि कंपनियों द्वारा वर्क फ्रॉम होम लागू करने से बाजारों में आवाजाही कम हुई है। जिसकी वजह से खुदरा व्यापार को 350 करोड़ रुपये अधिक का नुकसान अभी तक हुआ है। मुंबई मेवा मर्चेंट मसाला एवं किराना एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश गणात्रा कहते हैं, पिछले एक सप्ताह से भारी बारिश ने आपूर्ति को बुरी तरह से प्रभावित किया है। जिसकी वजह से हर दिन लाख का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हिंदुस्तान चैंब ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुशील गाड़िया ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में कपड़ा कारोबार को 200 से 250 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नुकसान हुआ है। भारत मर्चेंट चैबर्स के उपाध्यक्ष विनोद कुमार कहते है, लोकल ट्रेंन और सड़क यातायात प्रभावित होने की वजह से ग्राहकों की कमी है और उत्पाद भी लगभग 25 प्रतिशत तक घट गया है। भिवंडी लेकर कालबादेवी तक जलभराव होने की वजह से माल ढुलाई 50 प्रतिशत तक कम हो गई है।
रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है, भारी बारिश और जलभराव की वजह से लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी प्रभावित हुई है। इसकी वजह से रेस्टोरेंट उद्योग का कारोबार करीब 70 प्रतिशत तक घट गया है। वहीं नवी मुंबई एपीएमसी कांदा बटाटा मार्केट के व्यापरियों का कहना है, मुंबई ही नहीं महाराष्ट्र के सभी इलाकों में अतिवृष्टी होने की वजह से सब्जियों और फलों की आवक 50 प्रतिशत तक घट गई है। जिसकी वजह से कीमतों पर असर पड़ रहा है।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/heavy-rains-in-mumbai-slow-down-mmr-economy-affecting-busines-worth-rs-1-150-crore-2026-07-09