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कांग्रेस विधायक नुरुल इस्लाम के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मतदाता सूची में कुल 91,385 डी-वोटर हैं।

उन्होंने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा 13,719 संदिग्ध मतदाता सोनितपुर जिले में हैं। बारपेटा में 8,081 डी-वोटर हैं, जबकि उदलगुड़ी और नगांव जिलों में भी ऐसे संदिग्ध मतदाताओं की संख्या 7,800 से ज्यादा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य में 1997 से उन मतदाताओं के नाम के आगे 'डी' लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिनकी नागरिकता को लेकर संदेह या विवाद था।

राज्य के गृह मंत्री के तौर पर जवाब देते हुए सरमा ने बताया कि 56,728 डी-वोटर को विदेशी न्यायाधिकरणों ने विदेशी घोषित किया है। इनमें से 831 लोगों ने हाईकोर्ट में अपील की थी और अदालत ने उन्हें भी विदेशी माना।

उन्होंने बताया कि 65,171 डी-वोटर को विदेशी न्यायाधिकरणों ने भारतीय नागरिक घोषित किया है।

सरमा ने बताया कि गुवाहाटी हाईकोर्ट ने 42 और सुप्रीम कोर्ट ने तीन डी-वोटर को देश का वैध नागरिक माना है।

कांग्रेस विधायक वाजेद अली चौधरी के एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि 1997 में जब डी-वोटर की पहचान की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब राज्य में ऐसे मतदाताओं की संख्या 1,99,596 थी।

उन्होंने कहा कि अब तक डी-वोटर से जुड़े 2,44,144 मामले विदेशी न्यायाधिकरणों को भेजे गए हैं। इनमें से 2,05,659 मामलों का निपटारा हो चुका है और 56,728 लोगों को विदेशी घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा पुलिस ने डी-वोटर के अलावा 1,90,657 अन्य मामलों को भी विदेशी न्यायाधिकरणों के पास भेजा है। इनमें से 1,55,490 मामलों का निपटारा किया जा चुका है और 1,15,945 लोगों को विदेशी घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि विदेशी घोषित किए गए लोगों में से 31,789 लोगों को देश से बाहर भेजा जा चुका है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/assam-d-voters-citizenship-status-foreigners-tribunal-himanta-biswa-sarma-explains-2026-07-13