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गुजरात सरकार ने बिजली पारेषण लाइनों और टावरों के लिए किसानों की जमीन के अधिग्रहण पर दिए जाने वाले मुआवजे में भारी वृद्धि की है। अब किसानों को उनकी जमीन के मौजूदा बाजार मूल्य का दोगुना भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें उचित और बाजार-आधारित मुआवजा सुनिश्चित होगा। यह फैसला शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया, जिससे राज्य के किसानों को बड़ी राहत मिली है।

मुआवजे की पुरानी नीति और किसानों का विरोध

राज्य के कई हिस्सों में किसान अपनी कृषि भूमि पर बिजली पारेषण लाइनों और टावरों की स्थापना के लिए पुरानी मुआवजे की नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वर्तमान नीति के तहत, कृषि भूमि से गुजरने वाले बिजली के खंभों और पारेषण लाइनों के लिए मुआवजे का भुगतान जंत्री मूल्य के 200 प्रतिशत पर किया जाता था। नई नीति के प्रमुख प्रावधान

नई नीति के तहत, मुआवजे की गणना के तरीके में बदलाव किए गए हैं:

बाजार मूल्य पर दोगुना भुगतान: मुआवजे का भुगतान अब जंत्री दर के बजाय जमीन के मौजूदा बाजार मूल्य के दोगुने पर किया जाएगा। जंत्री दर गुजरात सरकार द्वारा निर्धारित भूमि और संपत्ति की इकाई मूल्य सूची है।

टावर क्षेत्र के लिए बढ़ी हुई मुआवजा राशि: बिजली पारेषण टावरों द्वारा अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजे में भी वृद्धि की गई है। पहले, मुआवजे की गणना केवल टावर के वास्तविक आधार क्षेत्र पर की जाती थी। संशोधित नीति के तहत, टावर के आधार क्षेत्र में सभी चार दिशाओं में एक अतिरिक्त मीटर जोड़ा जाएगा, जिससे मुआवजे योग्य क्षेत्र बढ़ेगा और भूमि मालिकों को अधिक मुआवजा मिलेगा।

एकमुश्त भुगतान: किसानों को राहत देते हुए, सरकार ने पहले की किस्तों वाली भुगतान प्रणाली को समाप्त कर दिया है। पहले मुआवजे का भुगतान तीन किस्तों में किया जाता था – 40 प्रतिशत नींव के काम के दौरान, 40 प्रतिशत टावर की स्थापना के दौरान और शेष 20 प्रतिशत पारेषण लाइनों के स्ट्रिंगिंग के बाद। नई नीति के तहत, काम शुरू होने से पहले 100 प्रतिशत मुआवजे का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।

पारदर्शी निर्धारण के लिए बाजार दर समिति का गठन

भूमि मूल्यों के पारदर्शी और निष्पक्ष निर्धारण को सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार एक बाजार दर समिति (Market Rate Committee - MRC) का गठन करेगी। यह समिति जमीन के मौजूदा बाजार मूल्य का आकलन करेगी। समिति में जिला कलेक्टर, प्रभावित भूमि मालिकों के प्रतिनिधि, किसानों द्वारा नामित एक अधिकृत बाजार मूल्यांकक और पारेषण सेवा प्रदाता के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

पारेषण लाइनों के राइट ऑफ वे (RoW) कॉरिडोर के तहत मुआवजे का भुगतान एमआरसी द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य से जुड़ा होगा।

विभिन्न क्षेत्रों के किसानों के लिए मुआवजे की दरें

ग्रामीण क्षेत्रों में: किसानों को बाजार मूल्य का 30 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा।

नगर पालिकाओं वाले क्षेत्रों में: किसानों को बाजार मूल्य का 45 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा।

नगर निगमों की सीमा में: किसानों को अनुमानित बाजार मूल्य का 60 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/major-decision-by-the-gujarat-government-farmers-will-now-receive-double-compensation-for-electricity-towers-2026-07-04