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सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल मंचों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल शैक्षणिक, प्रशिक्षण और संस्थागत स्तर पर की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक बनाना है।
शिक्षण प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) के माध्यम से छात्र कहीं भी और कभी भी सीख सकते हैं। ई-सामग्री छात्रों को डिजिटल प्रारूप में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराती है। ऑनलाइन कक्षाएं दूरस्थ शिक्षा को संभव बनाती हैं। इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड और प्रोजेक्टर कक्षाओं को अधिक आकर्षक बनाते हैं। आईसीटी-सक्षम शिक्षण उपकरण शिक्षकों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में मदद करते हैं। इन सभी उपायों से शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है।
शिक्षकों और सहकारी पेशेवरों के लिए क्षमता निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) आयोजित किए जा रहे हैं। पुनश्चर्या पाठ्यक्रम भी इसमें शामिल हैं। सेमिनार, कार्यशालाएं और वेबिनार भी आयोजित किए जा रहे हैं। अन्य व्यावसायिक विकास कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। संकाय को आईसीटी उपकरण और डिजिटल शिक्षण पद्धति में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों में सहकारी प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। बैंकिंग और वित्त से संबंधित विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शासन और डिजिटल बैंकिंग भी इन कार्यक्रमों का हिस्सा हैं। डिजिटल परिवर्तन और सहकारिता क्षेत्र के अन्य उभरते क्षेत्रों को भी कवर किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पेशेवर बदलते समय के साथ कदम-से-कदम मिलाकर चलें। इससे सहकारिता क्षेत्र की समग्र वृद्धि सुनिश्चित होगी।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/ai-and-digital-platforms-boost-cooperative-sector-training-amit-shah-2026-07-22