शहडोल यातायात शाखा से निलंबित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी का परिवार दशकों से पुलिस में रहकर लोगों की सेवा कर रहा है. कांस्टेबल बनने से पहले विवेकानंद तिवारी ने यूपी पुलिस का एग्जाम दिया था, लेकिन वे 2 नबंर कम होने से फाइनल लिस्ट से बाहर हो गए थे.
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