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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पांच मंजिला रिहायशी इमारत में लगी आग के दौरान लोगों ने जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। घने धुएं और दहशत के बीच कुछ लोग साड़ियों के सहारे खिड़कियों से बाहर निकले, कई लोग छत पर पहुंचकर मदद की गुहार लगाते रहे।

पुलिस के अनुसार आग भूतल पर लगी थी, लेकिन उससे निकला धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। कुछ ही देर में पूरी इमारत धुएं से भर गई। आसपास के इलाके में भी दृश्यता काफी कम हो गई थी। स्थानीय निवासी राजन ने बताया कि रात करीब दो बजे सबसे पहले धुआं दिखाई दिया। देखते ही देखते धुआं संकरी गली में फैल गया। पड़ोसियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन भूतल पर खड़े दोपहिया वाहन पहले ही आग की चपेट में आ चुके थे। वहां मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग और धुआं तेजी से फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धुआं बढ़ने के साथ ही इमारत में फंसे लोगों के सामने बाहर निकलने का संकट खड़ा हो गया। कई लोगों ने साड़ियों को बांधकर खिड़कियों से नीचे उतरने की कोशिश की। कुछ लोग इमारत के पिछले हिस्से से बाहर निकलने में सफल रहे। स्थानीय निवासी सुमन ने बताया कि आग बढ़ने के साथ छत से लोगों के चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। लोग लगातार मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन घना धुआं और आग की वजह से कोई भी इमारत के भीतर नहीं जा पा रहा था।

आग की वजह को लेकर अलग-अलग दावे आग लगने के कारण को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। स्थानीय निवासी मानव भूटानी का कहना है कि शुरुआती तौर पर आग इलेक्ट्रिक स्कूटर की चार्जिंग के दौरान स्पार्किंग से लगी प्रतीत होती है। उनके मुताबिक मौके पर मौजूद बिजली के बोर्डों पर आग लगने या शॉर्ट सर्किट के स्पष्ट निशान नहीं दिखे। हालांकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण बताया गया है। आग के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पांच मंजिला रिहायशी इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने हादसे की गंभीरता के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का दावा है कि आग के दौरान इमारत की कई मंजिलों के मुख्य दरवाजों पर बाहर से कुंडियां लगी हुई थीं। वहीं, इमारत में बाहर निकलने का केवल एक रास्ता था, जो आग लगने के बाद पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।

स्थानीय निवासी रेनू भूटानी और उनके बेटे मानव भूटानी उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने राहत कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। रेनू के अनुसार रात में बेटे का फोन आने पर वह मौके पर पहुंचीं तो चारों ओर धुआं फैला हुआ था। इमारत के भूतल पर सीढ़ियों के पास खड़े दोपहिया वाहन आग की चपेट में थे। वहां सात मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक स्कूटर और एक साइकिल खड़ी थी। आग और धुएं के कारण मुख्य रास्ते से अंदर जाना संभव नहीं था। इसके बाद स्थानीय लोग इमारत के पीछे की ओर पहुंचे। वहां से छत तक पहुंचने का प्रयास किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत का गेट बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। आग की गर्मी से लोहे का गेट क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद उसे तोड़कर रास्ता बनाया गया।

धुएं का असर कम करने के लिए टंकियों में छेद कर पानी सीढ़ियों की ओर बहाया गया रेनू बताती हैं कि छत पर रखी पानी की टंकियों में छेद कर पानी सीढ़ियों की ओर बहाया गया, जिससे धुएं का असर कुछ कम हुआ। इसके बाद राहत दल और स्थानीय लोगों ने अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। उनका दावा है कि तीसरी मंजिल के मुख्य दरवाजे पर बाहर से लगी कुंडी खोली गई, जिसके बाद वहां फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। इसी मंजिल पर पंकज और उनका परिवार रहता था।

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित तुगलकाबाद एक्सटेंशन में बृहस्पतिवार देर रात एक पांच मंजिला आवासीय इमारत में लगी आग में एक ही परिवार के पंकज (28), उनकी नानी सुशीला देवी (70) और बहन सोनी (20) की मौत हो गई। हादसे में पंकज की बहन मोनी (18) और उनकी मां गुड्डी (50) देवी की धुएं की चपेट में आने से हालत गंभीर है। दमकल और पुलिस की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

हादसा बृहस्पतिवार रात करीब 2:25 बजे तुगलकाबाद एक्सटेंशन की गली नंबर-1 स्थित नया तारा अपार्टमेंट के पास हुआ। आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया और लोग फंस गए। प्रारंभिक जांच में आग ग्राउंड फ्लोर पर खड़े दोपहिया वाहनों से लगने की बात सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार आग पर रात 3:45 बजे तक नियंत्रण पा लिया गया था। करीब 4 बजे आग पूरी तरह बुझा दी गई। इसके बाद भी टीमों ने इमारत की तलाशी जारी रखी ताकि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह जाए।

डीएफएस के मुताबिक पांच महिलाओं को सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं दो महिलाओं और एक पुरुष को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि ज्यादातर लोग आग से नहीं, बल्कि घने धुएं के कारण प्रभावित हुए। ज्यादातर को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। गुड्डी देवी की हालत अधिक गंभीर होने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।

संकरी गली से बचाव कार्य में आईं दिक्कतें दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इमारत ग्राउंड प्लस पांच मंजिला थी। संकरी गली में स्थित होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आईं। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने तुरंत अभियान शुरू किया। कई लोगों को खिड़कियों और सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकाला गया। सुबह तक आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

पुलिस शॉर्ट सर्किट को मान रही आग की वजह, स्थानीय लोग बोले-ई-स्कूटी चार्जिंग बनी वजह पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि पार्किंग क्षेत्र में एक ई-स्कूटी चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट पर स्पार्किंग के बाद आग भड़की और देखते ही देखते अन्य वाहनों तक फैल गई।

Source: https://www.amarujala.com/delhi-ncr/delhi-fire-news-three-people-died-in-a-building-fire-in-tughlakabad-govindpuri-2026-06-13