साधारण परिवार और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े विश्वजीत ने अपने दूसरे प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की. उन्होंने NDTV से बातचीत में बताया,'पहले प्रयास में असफलता का सामना करना पड़ा था, लेकिन हार नहीं मानी. अपनी कमियों का विश्लेषण कर रणनीति में बदलाव किया. इसका परिणाम यह रहा कि दूसरे प्रयास में SDM का प्रतिष्ठित पद मिला.
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