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पुलिस का आरोप है कि तीनों किसी अज्ञात रास्ते से भारत में आए। उन्होंने अपनी बांग्लादेशी पहचान छिपाई। खुद को भारत के किसी दूसरे राज्य का प्रवासी मजदूर बताया।

आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र की डिजिटल कॉपी मिली, जिससे पुष्टि हुई कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं।

पुलिस ने बताया कि एक दो भाषाओं को जानने वाले पुलिस अधिकारी की मदद से तीनों से हिंदी में पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान उन्होंने माना कि उनके पास भारत में आने या रहने के लिए कोई वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य कानूनी दस्तावेज नहीं था।

शुरुआती जांच और बरामद दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने नतीजा निकाला कि तीनों बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और इलाके के एक मजदूर शिविर में रह रहे थे।

तीनों के खिलाफ बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करने और रहने के आरोप में आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम की धारा 3(1) और धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन तीनों को काम पर किसने रखा, फर्जी पहचान पत्र बनवाने में किसने मदद की और भारत में रहने की व्यवस्था किसने कराई।

पुलिस ने कहा कि मावूर इलाके में जांच अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि ऐसे अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान की जा सके जो बिना वैध दस्तावेजों के जिले में रह रहे हों।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/bangladeshi-nationals-held-for-illegal-entry-in-kozhikode-fake-ids-seized-2026-06-30