अमेरिकी एफबीआई ने 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत पंजाब के भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े नीतीश कौशल को गिरफ्तार किया। उस पर हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी, जबरन वसूली व मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप हैं। भगवानपुरिया गिरोह के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य बताए जाते हैं।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (बीबीआई) ने गुरुवार को एक घोषणा की। पंजाब स्थित भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े नीतीश कौशल को अमेरिकी कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने वर्मोंट में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के नाम से जाने अभियान के तहत किया गया है। बता दें कि यह गिरफ्तारी भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध समूहों के 15 सदस्यों की अमेरिका में गिरफ्तारी के कुछ हफ्तों बाद हुई है।

अमेरिकी अधिकारियों ने कितने लोगो का नाम जारी किया? अमेरिकी अधिकारियों की ओर से बिश्नोई, भगवानपुरिया और ढांडा संगठिक अपराध समूहों के गतिविधियों के संबंध में 34 व्यक्तियों का नाम जारी किया। कौशल का नाम उन 11 के सूची में शामिल था, जो या तो फरार थे या अमेरिकी अधिकारियों की हिरासत में नहीं थे।

क्या है आरोप? एफबीआई ने अपनी वेबसाइट पर बताया, 'कौशल एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है, जो हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे काम में शामिल है। यह संगठन, जिसे जगगु भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह (भगवानपुरिया ओसीजी) के नाम से जाना जाता है।

कितनी सजा हो सकती है? अमेरिकी अधिकारियों की ओर से आरोपित अधिकांश व्यक्तियों को संघीय जेल में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की अनिवार्य न्यूनतम सजा है। वहीं, संघीय जेल में आजीवन कारावास की वैधानिक अधिकतम सजा का सामना करना पड़ सकता है।

कौन हैं जगगु भगवानपुरिया? अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, भगवानपुरिया गिरोह की शुरुआत पंजाब में 38 वर्षीय जगगु भगवानपुरिया के नेतृत्व में हुई थी, जो वर्तमान में भारत में जेल में बंद है। भगवानपुरिया, लॉरेंस बिश्नोई का पूर्व सहयोगी था, जो बाद में उसका प्रतिद्वंद्वी बन गया। बिश्नोई का गिरोह ऑपरेशन हार्ड बॉल में हुई गिरफ्तारियों का मुख्य केंद्र था। भगवानपुरिया गिरोह में कितने सदस्य शामिल हैं? वही, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि भगवानपुरिया गिरोह में विश्व स्तर पर 1000 से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं, जिनमें से 100 से अधिक अमेरिका में मौजूद हैं। इसके अलावा, यह समूह कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी सक्रिय माना जाता है।

गौरतलब है कि भगवानपुरिया गिरोह पर भारत में भ्रष्ट कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ मिलकर पीड़ितों से जबरन वसूली करने का आरोप है। एक अहम मामले में, पंजाब पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह पर गिरोह के सहयोगी के रूप में काम करते हुए लॉस एंजिल्स स्थित एक परिवार से लगभग 400,000 डॉलर की मांग करने का आरोप है।

Source: https://www.amarujala.com/world/operation-hard-ball-gangster-nitish-kaushal-arrested-in-the-us-fbi-had-included-him-in-its-most-wanted-list-2026-07-17