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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विचार संविधान के नीति निदेशक तत्वों में शामिल है।

डॉ. भीमराव आंबेडकर भी समान नागरिक कानून के पक्षधर थे।

यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था होगी।

इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने का उद्देश्य पूरा होगा।

इससे संविधान में निहित समानता और एकरूपता के सिद्धांत को मजबूती मिलेगी।

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि संविधान के नीति निदेशक तत्वों में समान नागरिक संहिता का प्रावधान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान से भी जुड़ा है और इसका उल्लेख भी किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यूसीसी जैसा कानून व्यापक सहमति के आधार पर बनाया जाना चाहिए।

उनके अनुसार मसौदा तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, वकीलों, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों से विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कानून समावेशी और रचनात्मक होगा तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी, लेकिन यदि इसे केवल राजनीतिक विवाद या ध्रुवीकरण के लिए लाया गया तो पार्टी इसका विरोध करेगी।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/maharashtra-begins-process-for-ucc-uniform-civil-code-expert-committee-likely-to-be-announced-next-week-2026-07-04