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पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित गिरीश भारद्वाज का मंगलवार को कर्नाटक के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे। उन्होंने 'भारत के सेतु पुरुष' के नाम से जाना जाता था। उनके निधन पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दुख व्यक्त किया गया है।

कौन थे गिरीश भारद्वाज? गिरीश भारद्वाज ने कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के गांवों में 150 से अधिक पर्यावरण-अनुकूल, कम लागत वाले हैंगिंग फुटब्रिज डिजाइन और निर्मित किए। 1970 के दशक में मांड्या के पीईएस कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वे एक निजी कारखाने में काम करने का सपना देखते थे। हालांकि, उनके पिता, जो एक कृषक थे। उन्होंने उन्हें गांवों की समस्याओं का समाधान खोजने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा? उनके निधन पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि 'ब्रिज मैन ऑफ इंडिया' के नाम से मशहूर पद्म श्री पुरस्कार विजेता डॉ. गिरीश भारद्वाज के निधन से मुझे गहरा सदमा लगा है। तकनीकी क्षेत्र के इस महान दूरदर्शी का जाना विज्ञान, तकनीक और समाज सेवा के क्षेत्रों के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। आगे लिखा, ग्रामीण भारत के विकास और कनेक्टिविटी क्रांति में उनका योगदान बेमिसाल रहा है। देश भर में 140 से ज्यादा पुल बनाकर उन्होंने ग्रामीण प्रगति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/who-was-girish-bharadwaj-india-s-bridge-man-breathes-his-last-at-76-karnataka-cm-expresses-grief-2026-07-07