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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित अभद्र टिप्पणियों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इस मामले को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की भारी नाराजगी के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया आई। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से अखिलेश यादव की बेटी अदिति को लेकर एक आपत्तिजनकर पोस्ट शेयर की जा रही है। सोशल मीडिया पर मनगढंत बातें लिखकर ये बताने की कोशिश की जा रही है कि अखिलेश के परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। अदिति परिवार के खिलाफ हो गई हैं। पोस्ट में झूठा दावा किया जा रहा है कि वो परिवार के संपर्क में नहीं हैं।

पोस्ट वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में सपा नेताओं की ओर एफआईआर दर्ज कराई गई। अलग-अलग जगह दर्ज की एफआईआर के बाद पुलिस हरकत में आई। कुछ जगहों पर शिकायतकर्ताओं ने नामजद रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। इन पर भी कार्रवाई हो रही है।

1. कानपुर गुरुवार देर शाम को कानपुर साइबर थाने में अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव ने भी तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों में भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव हैं। राष्ट्रीय सचिव के मुताबिक मुख्य टिप्पणी भरत पटेल की ओर से की गई है जिस पर बाकी दोनों आरोपियों ने अभद्र कमेंट किए हैं। पुलिस मामले में की जांच कर रही है। वहीं, इस मामले में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर नेताओं के परिवार और बच्चों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक हसन रूमी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी को वह 1.11 लाख रुपये का इनाम देंगे। 2. प्रतापगढ़ प्रतापगढ़ में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा सपा के जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने साइबर थाने में दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि नौ जून को सुबह 9.52 बजे सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर शीतला सुजान कवि पत्रकार नामक आईडी से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी के संबंध में अभद्र, आपत्तिजनक और असत्यापित सामग्री प्रसारित की गई। इस पोस्ट के माध्यम से व्यक्तिगत आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे एक महिला की गरिमा, सम्मान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही है। इस प्रकार की सामग्री से समाज में भ्रम फैलाने और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। 3. बरेली बरेली जिले में आक्रोशित सपाइयों ने थाने पर प्रदर्शन करके पुलिस को ज्ञापन दिया। बलराम सिंह यादव की अध्यक्षता में सपाइयों ने ज्ञापन देते हुए बताया कि चार दिनों से अज्ञात व्यक्तियों की ओर से ये टिप्पणियां की जा रही हैं। शरारती तत्व जानबूझकर पोस्ट साझा कर छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ज्यादातर अवैध पोस्ट फेसबुक आईडी नागेश्वर सिंह बघेल व भरत कुमार पटेल से हो रही हैं। सपाइयों ने पुलिस से टिप्पणियां हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

प्रयागराज में भी यह मामला न्यायालय पहुंच गया है। इस संबंध में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने एसीजेएम न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। सपा नेता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि संबंधित पोस्ट और टिप्पणियां न केवल व्यक्तियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली हैं, बल्कि समाज में दुर्भावना और तनाव का माहौल भी उत्पन्न कर सकती हैं। याचिका में ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है।

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद एसीजेएम न्यायालय ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली है। न्यायालय ने पुलिस को मामले के तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 18 जून की तिथि निर्धारित की गई है।

सपा ने 12 जून को अपने एक्स हैंडल पर इस मामले को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया डाली। वीडियो में अखिलेश यादव बिना किसी का नाम लिए पत्रकारों से कहते हुए नजर आए कि ये इसलिए हो रहा क्योंकि जो दो लोग ऊपर बैठे हैं उनका कोई परिवार नहीं है, परिवार वाले ही परिवार वालों का दुख दर्द समझते हैं। जो बैठे हैं कुर्सी पर उन्हें कोई चिंता नहीं है परिवारों की। एक अन्य बयान में अखिलेश ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और बेटी के बारे में जो बोला जा रहा है वो भाजपा की शह पर बोला जा रहा है।

आजमगढ़ में जनसभा के दौरान शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं पिछले दिनों देख रहा था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं। जैसे मेरे संज्ञान में आया। पुलिस से मैंने कहा इसमें एफआईआर दर्ज कराओ, बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। बेटी, बेटी होती है। सीएम योगी ने कहा कि कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी, गांव की बहन सबकी बहन है। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया, लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो, अपने चेले- चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा को संयम कर लें।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/how-did-the-controversy-involving-akhilesh-yadav-s-daughter-begin-and-what-has-happened-in-the-matter-so-far-2026-06-13