एक उदाहरण देते हुए प्रोफेसर बीडब्ल्यू पांडेय कहते हैं कि बारिश के पानी को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित करने से संसाधनों की कमी और आपदा से निपटने में मदद मिलती है. उदाहरण के लिए, अगर ढलान वाले इलाके में बारिश के पानी को कंटूर (ढलान के साथ बनी रेखाओं) पर नियंत्रित किया जाए, तो अचानक आने वाली बाढ़ को रोका जा सकता है.
Source: https://ndtv.in/india/what-india-do-with-its-rainwater-and-what-are-the-rest-of-the-countries-in-the-world-doing-11764765#publisher=newsstand