अषाढ के महीने में होने वाली धान रोपनी श्रम, लोकगीत, साझी संस्कृति, स्त्री-सृजन और सामुदायिक जीवन का ऐसा महापर्व है, जो भारतीय ग्रामीण सभ्यता की आत्मा को आज भी स्पंदित करता है. इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं पत्रकार अमरेंद्र किशोर.

Source: https://ndtv.in/blogs/story-of-paddy-transplantation-in-bihar-monsoon-folk-songs-and-rural-unity-11806280#publisher=newsstand